8. मानव स्वास्थ्य और रोग (Human Health and Disease) - Comprehensive Analytical Report

विषय प्रवेश और स्वास्थ्य की ऐतिहासिक अवधारणा (Introduction and Historical Concept of Health)

एक लंबे समय तक जीव विज्ञान और चिकित्सा विज्ञान में स्वास्थ्य को शरीर और मन की एक ऐसी स्थिति माना जाता था, जिसमें शरीर के कुछ विशिष्ट तरलों (Humors) का संतुलन बना रहता था।

प्राचीन यूनानवासी (जैसे हिप्पोक्रेटीज / Hippocrates) और भारतीय आयुर्वेद तंत्र (Indian Ayurveda System) भी इसी अवधारणा का समर्थन करते थे। उनका मानना था कि 'काले पित्त' (Black bile) वाले व्यक्तियों का व्यक्तित्व गर्म होता है और उन्हें अक्सर बुखार होता है।

विलियम हार्वे (William Harvey) द्वारा प्रयोगात्मक विधि अपनाते हुए रक्त परिसंचरण (Blood circulation) की खोज तथा थर्मामीटर का उपयोग करके काले पित्त वाले व्यक्तियों के शरीर का तापमान प्रसामान्य (Normal) दर्शाने से, स्वास्थ्य के इस 'अच्छे तरल' (Good humor) की परिकल्पना को गलत सिद्ध कर दिया गया।

आधुनिक जैविकी (Biology) के गहन अध्ययनों से यह सिद्ध हो चुका है कि हमारा तंत्रिका तंत्र (Neural system) और अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine system) हमारे प्रतिरक्षा तंत्र (Immune system) को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। यही प्रतिरक्षा तंत्र हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखता है।

परिभाषा: शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होने की सर्वांगीण स्थिति को, उसे स्वास्थ्य (Health) कहते हैं।

स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक (Factors Affecting Health)

हमारा स्वास्थ्य मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन कारकों द्वारा गहराई से प्रभावित होता है:

आनुवंशिक विकार (Genetic disorders) [BSEB 2009]: वे अपूर्णताएँ या दोष जिन्हें लेकर बच्चा जन्म लेता है, और वे त्रुटियाँ जो बच्चे को जन्म से ही माता-पिता से वंशागत (Inherited) रूप से मिलती हैं।

संक्रमण (Infections): हमारे पर्यावरण में उपस्थित विभिन्न प्रकार के जीवाणुओं, विषाणुओं और परजीवियों द्वारा शरीर पर किया गया हमला।

जीवन शैली (Lifestyle) [BSEB 2019, 2021]: इसके अंतर्गत वह खाना जो हम खाते हैं, वह पानी जो हम पीते हैं, शरीर को दिया जाने वाला विश्राम, नियमित व्यायाम (Exercise), और हमारी व्यक्तिगत आदतें (जैसे तंबाकू या ऐल्कोहल का सेवन) शामिल हैं।

रोगों का वर्गीकरण (Classification of Diseases)

परिभाषा: जब शरीर के एक या अधिक अंगों या तंत्रों के प्रकार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और विभिन्न चिह्न तथा लक्षण प्रकट होते हैं, उसे रोग (Disease) कहते हैं।

संक्रामक रोग (Infectious Diseases): जो रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से संचारित हो सकते हैं, उसे संक्रामक रोग (Infectious Diseases) कहते हैं (जैसे- एड्स, मलेरिया, सामान्य जुकाम)।

असंक्रामक रोग (Non-infectious Diseases) [BSEB 2024]: वे रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते हैं और व्यक्ति विशेष तक ही सीमित रहते हैं, उसे असंक्रामक रोग (Non-infectious Diseases) कहते हैं (जैसे- कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप)।

8.1 मानव में सामान्य रोग (Common Diseases in Humans)

हमारे आस-पास अनेकों जीव जैसे जीवाणु (Bacteria), विषाणु (Virus), कवक (Fungi), प्रोटोजोआ (Protozoa), और कृमि (Helminths) मौजूद हैं जो मानव शरीर में प्रवेश कर रोग उत्पन्न करते हैं।

परिभाषा [BSEB 2013, 2014, 2025]: ऐसे रोगकारक जीव जो परपोषी (Host) के भीतर या उसके ऊपर रहकर अपनी संख्या में वृद्धि करते हैं और उसे क्षति पहुँचाते हैं, उसे रोगजनक (Pathogen) कहते हैं।

रोगजनकों को जीवित रहने के लिए परपोषी के भीतरी वातावरण के अनुसार अपने आपको अनुकूलित (Adapted) करना पड़ता है। उदाहरण के लिए, जो रोगजनक आंत्र (Intestine) में प्रवेश करते हैं, उनमें आमाशय (Stomach) के निम्न pH में जीवित रहने और विभिन्न पाचक एंजाइमों (Digestive enzymes) का प्रतिरोध करने की क्षमता होनी चाहिए।