अध्याय 8.5: ड्रग और ऐल्कोहल कुप्रयोग (Drug and Alcohol Abuse) - परीक्षा उपयोगी नोट्स
आजकल युवाओं में ड्रग (नशीली दवाओं) और ऐल्कोहल (शराब) का उपयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उचित शिक्षा और मार्गदर्शन से ही उन्हें इन खतरनाक आदतों से बचाया जा सकता है। आमतौर पर सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले ड्रग्स तीन प्रकार के होते हैं: ओपिऑइड्स, कैनेबिनॉइड्स, और कोका ऐल्कैलॉइड्स।
1. ओपिऑइड्स (Opioids)
काम करने का तरीका: ये ड्रग्स हमारे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) और पाचन तंत्र में मौजूद विशिष्ट ओपिऑइड रिसेप्टर्स (ग्राहियों) से जुड़कर अपना असर दिखाते हैं।
हिरोइन (Heroin) या स्मैक [BSEB 2022, 2024]: इसे आम भाषा में 'स्मैक' कहते हैं। रासायनिक रूप से यह 'डाइएसिटिल मॉर्फीन' (Diacetylmorphine) है, जो एक सफेद, गंधहीन और तीखा स्वाद वाला रवेदार पदार्थ होता है।
स्रोत (Source) [BSEB 2011, 2019]: यह अफीम के पौधे (Papaver somniferum) के लेटेक्स (दूध) से प्राप्त मॉर्फीन (Morphine) के एसीटिलीकरण द्वारा बनाया जाता है। मॉर्फीन अपने आप में सर्जरी वाले मरीजों के लिए एक बहुत अच्छा दर्द निवारक (Painkiller) है, लेकिन इसका बहुत ज्यादा दुरुपयोग होता है।
प्रभाव: यह एक बहुत ही प्रबल अवसादक (Depressant) है, जो शरीर के सभी कार्यों को धीमा कर देता है। इसे सूँघकर या सुई (Injection) द्वारा लिया जाता है।
2. कैनेबिनॉइड्स (Cannabinoids)
काम करने का तरीका [BSEB 2024, 2026]: ये रसायन हमारे मस्तिष्क में मौजूद 'कैनेबिनॉइड रिसेप्टर्स' के साथ जुड़कर अपना असर दिखाते हैं।
स्रोत: ये प्राकृतिक रूप से भाँग के पौधे (Cannabis sativa) के फूलों से प्राप्त किए जाते हैं।
उत्पाद: भाँग के फूल, पत्तियों और राल (Resin) से मैरिजुआना (Marijuana), हशीश (Hashish), चरस (Charas) और गाँजा (Ganja) बनाए जाते हैं।
प्रभाव: ये मुख्य रूप से शरीर के हृदय और रक्त वाहिकाओं (Cardiovascular system) को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। आजकल कुछ खिलाड़ी भी अपना प्रदर्शन बढ़ाने के लिए इसका गलत इस्तेमाल करते हैं।
3. कोका ऐल्कैलॉइड या कोकीन (Cocaine)
स्रोत [BSEB 2019]: कोकीन को दक्षिण अमेरिका के पौधे 'एरिथ्रोजाइलम कोका' (Erythroxylum coca) से प्राप्त किया जाता है।
काम करने का तरीका [BSEB 2026]: यह मस्तिष्क के एक बहुत जरूरी रसायन 'डोपेमीन' (Dopamine) के परिवहन को रोक देता है।
प्रभाव: इसे 'कोक' या 'क्रैक' भी कहते हैं। यह तंत्रिका तंत्र को बहुत ज्यादा उत्तेजित कर देता है, जिससे इंसान को अचानक बहुत ज्यादा ऊर्जा और ख़ुशी (Euphoria) का एहसास होता है।
विभ्रम (Hallucination): कोकीन की बहुत अधिक मात्रा लेने से इंसान को भ्रम (जो चीजें नहीं हैं, वो दिखाई या सुनाई देना) होने लगता है। भ्रम पैदा करने वाले अन्य पौधे 'एट्रोपा बेलेडोना' और 'धतूरा' हैं।
4. तंबाकू और धूम्रपान (Tobacco and Smoking)
रासायनिक कारक: तंबाकू में निकोटीन (Nicotine) नामक एक विषैला रसायन होता है। इसे पीया (धूम्रपान), चबाया या सूँघा जाता है।
काम करने का तरीका [BSEB 2018]: निकोटीन हमारे शरीर की अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) को उत्तेजित करता है, जिससे रक्त में एड्रिनलीन हार्मोन निकलता है। इससे इंसान का ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन अचानक बढ़ जाती है।
दुष्प्रभाव [BSEB 2011]: धूम्रपान करने से फेफड़े, गले और मूत्राशय का कैंसर होता है। तंबाकू चबाने से मुँह का कैंसर (Oral cancer) होने का बहुत अधिक खतरा रहता है।
ऑक्सीजन की कमी: धूम्रपान करने से खून में 'कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)' गैस बढ़ जाती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी हो जाती है।
8.5.1 किशोरावस्था और ड्रग/ऐल्कोहल कुप्रयोग
12 से 18 वर्ष की आयु को किशोरावस्था कहते हैं। यह बचपन और जवानी के बीच का एक बहुत नाजुक समय होता है।
कारण: नई चीजों को जानने की प्राकृतिक उत्सुकता, खतरा उठाने की इच्छा, परीक्षा का तनाव, और दोस्तों के बीच 'कूल' (Cool) दिखने का दबाव किशोरों को नशे की ओर धकेलता है।
8.5.2 व्यसन और निर्भरता (Addiction and Dependence)
व्यसन (Addiction): जब इंसान नशे से मिलने वाली झूठी ख़ुशी का मानसिक रूप से गुलाम हो जाता है, तो उसे व्यसन (लत) कहते हैं। बार-बार नशा करने से शरीर की सहनशक्ति बढ़ जाती है, जिससे इंसान मजबूर होकर और ज्यादा मात्रा में नशा करने लगता है।
विनिवर्तन संलक्षण (Withdrawal Syndrome): जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से ड्रग या शराब ले रहा हो और अचानक उसे बंद कर दे, तो शरीर कुछ बुरी प्रतिक्रियाएं देता है (जैसे- अत्यधिक चिंता, हाथ-पैर काँपना, पसीना आना और उल्टी महसूस होना)। इसे ही विनिवर्तन संलक्षण कहते हैं।
8.5.3 कुप्रयोग के भयंकर प्रभाव (Effects of Abuse)
- तत्कालिक प्रभाव: पढ़ाई में गिरावट आना, चोरी करना, हिंसा करना और अजीब व्यवहार करना।
- गंभीर रोग: जो लोग एक ही सुई (Injection) का इस्तेमाल करके ड्रग लेते हैं, उनमें खून के जरिए एड्स (AIDS) और हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis-B) जैसी जानलेवा बीमारियां फैलने का बहुत अधिक खतरा होता है।
- यकृत क्षति (Liver Damage) [BSEB 2009, 2021]: लंबे समय तक शराब पीने से लिवर (यकृत) की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और लिवर सिकुड़ जाता है। इस जानलेवा बीमारी को सिरोसिस (Cirrhosis) कहते हैं।
- स्टेरॉयड के दुष्प्रभाव: खेलों में खिलाड़ी स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते हैं। इससे महिलाओं में पुरुषों जैसे लक्षण आ जाते हैं। पुरुषों में मुँहासे, शुक्राणुओं की कमी, वृषण (Testicles) का छोटा होना और समय से पहले गंजापन जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
8.5.4 रोकथाम और नियंत्रण (Prevention and Control)
नशे की लत को रोकने और छुड़ाने के लिए निम्नलिखित उपाय बहुत कारगर हैं:
दबाव से बचना: किसी भी बच्चे पर उसकी क्षमता से अधिक पढ़ाई या अन्य चीजों का दबाव नहीं डालना चाहिए।
शिक्षा और परामर्श: बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि असफलता और निराशा जीवन का एक हिस्सा हैं, इनसे भागना नहीं चाहिए।
माता-पिता की मदद: बच्चों को अपनी समस्याओं पर माता-पिता और अच्छे दोस्तों से खुलकर बात करनी चाहिए।
संकट को पहचानना: अगर बच्चा अकेला रहने लगे, स्कूल से छुट्टी मारने लगे या व्यवहार बदल जाए, तो माता-पिता को तुरंत ध्यान देना चाहिए।
चिकित्सा सहायता: नशे की लत छुड़ाने के लिए मनोवैज्ञानिकों और पुनर्वास (Rehabilitation) केंद्रों की मदद लेनी चाहिए, ताकि व्यक्ति वापस एक स्वस्थ जीवन जी सके।